पुरुषों में धात रोग, कारण और निवारण | Dhat Rog ke Ayurvedic Ilaj
Dr Pal
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आज के समय में लगभग सभी पुरुष यौन समस्याओं से प्रभावित हैं। इस प्रदूषण भरे वातावरण में पुरुषों को यौन रोग Gupt Rog होना बहुत सामान्य सी बात हो गई है। यौन रोग, रोगी के वैवाहिक जीवन को प्रभावित करते हैं। इसलिए किसी भी रोगी को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। वैसे तो पुरुषों को कई तरह के यौन रोगों का सामना करना पड़ता है। लेकिन हम आपको इस लेख में पुरुषों में होने वाले रोग “Dhat” के बारे में बताएंगें। कई पुरुषों को इस रोग का सामना करना पड़ता है। धात रोग की समस्या लड़को में 15 साल की उम्र के बाद ही देखने को मिलती है। क्योंकि 15 साल की उम्र के बाद ही उनके लिंग में वीर्य बनना शुरु होता है। इस लेख में हम आपको धात रोग क्या है इसके लक्षण, कारण औऱ इसके आयुर्वेदिक इलाज के बारे में बताएंगे। इसलिए पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप इस लेख को अंत तक जरुर पढ़े।  

धात रोग क्या है Dhat Rog Kya Hai

धात रोग पुरुषों की एक ऐसी स्थिति है, जिसमें उनके लिंग से वीर्य अपने आप निकल जाता है। इस स्थिति को ही धात रोग कहते हैं। आम तौर पर यह नींद के दौरान या अन्य परिस्थिति जैसे पेशाब या मल त्याग के दौरान होता है। इसे पुरुषों की यौन समस्या भी कहा जाता है। रोगी की यह समस्या उसके चिड़चिड़ेपन और उसके प्रइवेट अंगों की कमजोरी से जूड़ी हुई होती है। इसके अलावा कब्ज या मल त्याग समय लगाए गये जोर के कारण भी मूत्र के साथ वीर्य निकले लगता है।  या फिर कई बार वीर्य मूत्र से पहले निकल जाता है या मूत्र में मिलकर निकलता है।

जानिएं धात के लक्षण – Dhat Rog Ke Lakshan

हर बीमारी के लक्षण होते हैं औऱ उन्ही लक्षणों को पहचानकर बीमारी का पता लगाया जाता है। इसी तरह धात के भी लक्षण होते हैं। जिनको देखकर आप या आपके डॉक्टर इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि आपको कौन सा रोग है। धात रोग के लक्षण निम्नलिखित है।

• उर्जा की कमी होना

• यौन इच्छा में कमी होना

• कब्ज होना

• गुप्त अंगों में खुजली होना क्योंकि यहां कि त्वचा बहुत शुष्क हो जाती है।

• रात के समय पसीना आना

• कमर में दर्द होना विशेष रुप से कमर के निचले भाग में

• अंडकोष या पेरिनियम में दर्द

धात रोग के कारण –  Dhat Rog Ke Karan

  1. कमजोर पाचन तंत्र या शारीरिक कमजोरी के कारण भी हो जाता है।
  2. कोई ऐसा दृश्य या ख्याल जो यौन उत्तेजना को प्रभावित करें उस समय इस समस्या को पैदा होना स्वभाविक है।
  3. अत्यधिक हस्तमैथुन Masturbation करना धात रोग का कारण बन सकता है।
  4. मूत्र और जननांग अंगों की क्षीणता।
  5. यौन असंतोष Sexual Dissatisfaction होने के वजह से मलाशय के विकार जैसे बवासीर, एनल फिशर, कीड़े और त्वचा में फोड़े फुंसी आदि।
  6. टेस्टोस्टेरोन Testosterone पर आधारित दवाएं खाने से।

 धात रोग का आयुर्वेदिक इलाज – Dhat Rog ke Ayurvedic Ilaj

आपको आयुर्वेदिक व घरेलु नुस्खें Gharelu Nuskhe तो बहुत मिल जाएंगें। आपने पढ़ें भी होंगे। हालांकि घरेलु नुस्खों से हमें हमारी बिमारी से राहत मिलती है, लेकिन किसी भी बिमारी को ठीक करने के लिए हमें डॉक्टर की सलाह  लेकर आयुर्वेदिक दवाओं का भी सेवन करना पड़ता है। कोई भी घरेलु नुस्खा हम सिर्फ एक दो दिन तक ही करते हैं। हम उसे  फोलो नहीं करते। इसलिए अगर आप Dhat Treatment रोग से जुझ रहे हैं और इसका आयुर्वेदिक इलाज करवाना चाहते हैं, तो हमें Dr. PAL डॉक्टर पाल, दुकान नंबर 01, शिवपुरी मार्केट, असंध रोड, पानीपत में मिलें।  यहाँ आपको एक अच्छा आयुर्वेदिक इलाज दिया जाएगा। जिसके बाद आप धात रोग से मुक्त हो सकते हैं। आयुर्वेदिक दवाओं का कोई साइड इफैक्ट नहीं है। इसलिए आप घबराएं नहीं। निश्चित होकर डॉ पाल, पानीपत में आये।

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